*आज का रूहानी विचार :--*
*सतगुरु महाराज जी का वचन है:- _तुम्हारे शान्त मन में भी संगीत पैदा कर देगी जब सारा घर और सारी दुनिया बेहोशी में सोयी पड़ी हो तो आधी रात चुपचाप सिमरन में बैठ जाना ही भजन के लिए सबसे शुभ घड़ी है। ध्यान हमारी मर्जी से नहीं लगता तो इतना नाजुक है। एक पल में कहीं का कहीं पहुँच जाता है:ध्यान एकाग्र करने के लिए जोर जबर्दस्ती की नहीं, प्रेम और भरोसे की ज़रूरत है, धीरज रखो बहुत धीरे-धीरे, आराम से और प्यार से सिमरन करना चाहिए ध्यान बहुत धीरे धीरे एकाग्र होता है।*यदि एक बार हो जाए तो फिर फिर चौबीस घंटे में कभी भी हो सकता है _नहीं तो लोग हैं कि रोज पाँच बजे सुबह उठते हैं और बैठ गए ध्यान करने। मग़र काम नहीं बनता_कभी भी मशीन की तरह जल्दी जल्दी सिमरन नहीं, करना चाहिए_ऐसै ध्यान एकाग्र नहीं होता।सिमरन शुरू करने से पहले, प्रभु की मौजूदगी महसूस करो_फिर उनके दरबार में अपनी हाज़़िरी लगाओ_प्रभु के चरणों में यह प्रार्थना करो_हे प्रभु मुझे सन्मार्ग दिखाइये* । *_प्रेम से, भक्ति भाव से, सहज भाव से सिमरन शुरू करो, और अपने मन से सिमरन करव़ाओ_हमारी सुरत इसे प्रेम से सुने, तभी तो अन्दर का रूख करेगी, तन और मन सुन्न होंगे* *जी............. सत साहेब जी*🙏🏻🙏🏻🙏🏻👏🏻👏🏻💐
*सतगुरु महाराज जी का वचन है:- _तुम्हारे शान्त मन में भी संगीत पैदा कर देगी जब सारा घर और सारी दुनिया बेहोशी में सोयी पड़ी हो तो आधी रात चुपचाप सिमरन में बैठ जाना ही भजन के लिए सबसे शुभ घड़ी है। ध्यान हमारी मर्जी से नहीं लगता तो इतना नाजुक है। एक पल में कहीं का कहीं पहुँच जाता है:ध्यान एकाग्र करने के लिए जोर जबर्दस्ती की नहीं, प्रेम और भरोसे की ज़रूरत है, धीरज रखो बहुत धीरे-धीरे, आराम से और प्यार से सिमरन करना चाहिए ध्यान बहुत धीरे धीरे एकाग्र होता है।*यदि एक बार हो जाए तो फिर फिर चौबीस घंटे में कभी भी हो सकता है _नहीं तो लोग हैं कि रोज पाँच बजे सुबह उठते हैं और बैठ गए ध्यान करने। मग़र काम नहीं बनता_कभी भी मशीन की तरह जल्दी जल्दी सिमरन नहीं, करना चाहिए_ऐसै ध्यान एकाग्र नहीं होता।सिमरन शुरू करने से पहले, प्रभु की मौजूदगी महसूस करो_फिर उनके दरबार में अपनी हाज़़िरी लगाओ_प्रभु के चरणों में यह प्रार्थना करो_हे प्रभु मुझे सन्मार्ग दिखाइये* । *_प्रेम से, भक्ति भाव से, सहज भाव से सिमरन शुरू करो, और अपने मन से सिमरन करव़ाओ_हमारी सुरत इसे प्रेम से सुने, तभी तो अन्दर का रूख करेगी, तन और मन सुन्न होंगे* *जी............. सत साहेब जी*🙏🏻🙏🏻🙏🏻👏🏻👏🏻💐
