Tuesday, July 29, 2014

अपने आप को जानना सीखें !

लोग दुनिया को जानने की बात तो करते हैं, पर स्वयं को नहीं जानते. जानते ही नहीं, बल्कि जानना ही नहीं चाहते. खुद को जानना ही दुनिया की सबसे बड़ी नियामत है. जो खुद को नहीं जानता, वह भला दूसरों को कैसे जानेगा? दूसरों को भी जानने के लिए पहले खुद को जानना आवश्यक है. इसलिए बड़े महानुभाव गलत नहीं कह गए हैं कि जानने की शुरुआत खुद से करो.
एक महात्मा का द्वार किसी ने खटखटाया. महात्मा ने पूछा-कौन? उत्तर देने वाले ने अपना नाम बताया. महात्मा ने फिर पूछा कि क्यों आए हो? उत्तर मिला- खुद को जानने आया हूँ. महात्मा ने कहा-तुम ज्ञानी हो, तुम्हें ज्ञान की आवश्यकता नहीं. ऐसा कई लोगों के साथ हुआ. लोगों के मन में महात्मा के प्रति नाराजगी छाने लगी. एक बार एक व्यक्ति ने महात्मा का द्वार खटखटाया- महात्मा ने पूछा-कौन? उत्तर मिला-यही तो जानने आया हूँ कि मैं कौन हूँ. महात्मा ने कहा-चले आओ, तुम ही वह अज्ञानी हो, जिसे ज्ञान की आवश्यकता है? बाकी तो सब ज्ञानी थे.
इस तरह से शुरू होती है, जीवन की यात्रा. अपने आप को जानना बहुत आवश्यक है. जो खुद को नहीं जानता, वह किसी को भी जानने का दावा नहीं कर सकता. लोग झगड़ते हैं और कहते हैं- तू मुझे नहीं जानता कि मैं क्या-क्या कर सकता हूँ. इसके जवाब में सामने वाला भी यही कहता है. वास्तव में वे दोनों ही खुद को नहीं जानते. इसलिए ऐसा कहते हैं. आपने कभी जानने की कोशिश की कि खुदा और खुद में ज्यादा फ़र्क नहीं है. जिसने खुद को जान लिया, उसने खुदा को जान लिया. पुराणों में भी कहा गया है कि ईश्वर हमारे ही भीतर है. उसे ढूँढ़ने की कोई आवश्यकता नहीं.
सवाल यह उठता है कि अपने आप को जाना कैसे जाए? सवाल कठिन है, पर उतना कठिन नहीं, जितना हम सोचते हैंे. ज़िंदगी में कई पल ऐसे आएँ होंगे, जब हमने अपने आप को मुसीबतों से घिरा पाया होगा. इन क्षणों में समाधान तो क्या दूर-दूर तक शांति भी दिखाई नहीं देती. यही क्षण होता है, खुद को पहचानने का. इंसान के लिए हर पल परीक्षा की घड़ी होती है. परेशानियाँ मनुष्य के भीतर की शक्तियों को पहचानने के लिए ही आती हैं. मुसीबतों के उन पलों को याद करें, तो आप पाएँगे कि आपने किस तरह उसका सामना किया था. एक-एक पल भारी पड़ रहा था. लेकिन आप उससे उबर गए. आज उन क्षणों को याद करते हुए शायद सिहर जाएँ. पर उस वक्त तो आप एक कुशल योद्धा थे, जिसने अपने पराक्रम से वह युद्ध जीत लिया.
वास्तव में मुसीबतें एक शेर की तरह होती हैं, जिसकी पूँछ में समाधान लटका होता है. लेकिन हम शेर की दहाड़ से ही इतने आतंकित हो जाते हैं कि समाधान की तरफ हमारा ध्यान ही नहीं जाता. लेकिन धीरे से जब हम यह सोचें कि अगर हम जीवित हैं, तो उसके पीछे कुछ न कुछ कारण है. यदि शेर ने हमें जीवित छोड़ दिया, तो निश्चित ही हमारे जीवन का कोई और उद्देश्य है. उस समय यदि हम शांति से उन परिस्थितियों को जानने का प्रयास करें, तो हम पाएँगे कि हमने उन क्षणों का साहस से मुकाबला किया. यही से हमें प्राप्त होता है आत्मबल और शुरू होता है खुद को
जानने का सिलसिला.
हम याद करें उन पलों के साहस को. कैसी सूझबूझ का परिचय दिया था हमने. आज भी यदि मुसीबतें हमारे सामने आईं हैं, तो यह जान लीजिए कि वह हमें किसी परीक्षा के लिए तैयार करने के लिए आईं हैं. हमें उस परीक्षा में शामिल होना ही है. यानी खुद की शक्ति को पहचान कर हमें आगे बढ़ना है. जीवन इसी तरह आगे बढ़ता है.

यह बात हमेशा याद रखें कि जिसने परीक्षा में अधिक अंक लाएँ हैं, उन्हें और परीक्षाओं के लिए तैयार रहना है. जो फेल हो गए, उनके लिए कैसी परीक्षा और काहे की परीक्षा? याद रखें मेहनत का अंत केवल सफलता नहीं है, बल्कि सफलता के बाद एक और कड़ी मेहनत के लिए तैयार होना है. 

करोड़पति बनना है तो नौकरी छोडिये…….

लिए, पहले एक छोटी से exercise करते हैं. आप अपने शहर के किन्ही पांच करोड़पतियों की list मन में सोचिये…..please इस step को miss मत कीजिये , सोचिये ज़रूर !!!
अब बताइये इस लिस्ट में क्या कोई ऐसा भी है जो नौकरी पेशा है? मेरी लिस्ट में तो नहीं है,मेरे दिमाग में जो नाम आये वो मै आपको बताना चाहूँगा. मैं Gorakhpur  का रहने वाला हूँ और ये लोग वहीँ के हैं:
  • चेतना मसाले वाले Uncle,
  •  डॉ. अग्रवाल, जिनका खुद का Hospital है
  • Mr. Jalan-  सरिया वाले
  • मेरेcolony के एक uncle जिनके Engineering College चलते हैं , और
  • बरनवाल Uncle , जिनके यहाँ से हम लोग Jewelery  खरीदते हैं.
इन सभी में एक बात common   है. लोग इनके यहाँ नौकरी करते हैं पर ये किसी के यहाँ नौकरी नहीं करते.ये सभी उद्यमी हैं, Entrepreneurs हैं, Businessmen  हैं पर employee  नहीं हैं.
मैंने कुछ दोस्तों से भी ये प्रश्न किया उनकी सूची में भी किसी नौकरी करने वाले का नाम नहीं था. अब ये बात और है की आप दिमाग पे जोर डालेंगे तो कुछ ऐसे लोग मिल जायेंगे पर इनमे से ज्यादातर के बाल या तो सफ़ेद हो चुके होंगे या फिर पूरी फसल ही साफ़ हो चुकी होगी.अगर बाल सफ़ेद करा कर Crorepati बनाना है तो नौकरी  बुरी नहीं है..तीन-चार  promotion  और  15- 20 साल  में Crorepati बन ही जायेंगे… पर ऐसे बने तो बच्चों के लिए बनेंगे अपने लिए नहीं…और मज़ा तो अपने लिए बनने में है….क्यों? और अगर अपने लिए Crorepati बनना है तो खुद बनना होगा एक Entrepreneur.
यहाँ एक बात कहना चाहूँगा कुछ लोग ज्यादा पैसा कमाने कि इच्छा रखने वालों को उतनी  respect  से नहीं देखते हैं, पर मुझे लगता  है कि इस मंहगाई को देखकर उनके विचार में भी बदलाव आ चुका होगा….कितना कमाना  ज्यादा कमाना है इसकी परिभाषा बड़ी तेजी से बदल रही है…मेरी नज़र मैं ज्यादा पैसे कमाने कि इच्छा रखना एक अच्छी बात है..  बशर्ते उसे कमाने के लिए गलत काम न किये जाएँ. और शायद इस article  को भी वही लोग पढ़ रहे होंगे जो ऐसी इच्छा रखते होंगे वरना article  का title  पढ़ने के बाद ही वो किसी और topic  पर चले गए होते.चलिए अब आते हैं main मुद्दे पर :

पर नौकरी छोडें कैसे ?

सवाल बिलकुल ठीक है. पर उससे भी बड़ा एक सवाल है:, नौकरी छोड़ी तो करेंगे क्या ?अगर आपके मन में ये दूसरा सवाल आ रहा है तो उसका मेरे पास कोई जवाब नहीं है. क्योंकि ये तो आपके अंदर से आने वाली  आवाजा है कि आप क्या करना चाहते हैं . और यदि यह नहीं आ रही है तो अभी आप इस तरह के  step  के लिए बिलकुल तैयार नहीं हैं…पर ये बात पक्की है कि यदि आप चाहें तो समय के साथ खुद को तैयार कर सकते हैं.
पर यदि आप उनमे से हैं जिनका कोई सपना है ,जो कुछ बड़ा, कुछ महान , कुछ अपना  करना चाहते हैं तो आपको पहले प्रश्न के बारे में सोचना ही होगा. क्योंकि अगर आप अभी नहीं सोचेंगे तो आगे आपके लिए ये सोचना और भी मुश्किल हो सकता है भविष्य में:
  • आपकी जिम्मेदारियां बढ़  जायेंगी यानी आपकी risk  लेने की क्षमता घट जायेगी.
  • हो सकता ही आपकी  salary  बढ़ जाए और आप खुद को समझा लें. कि “चल भाई पैसे आ तो रहे हैं…अब और क्या चाहिए.”
कुछ लोग सोच सकते हैं कि lecture देना आसान है पर करना बहुत मुश्किल है. बात सच है ,पर ये भी सच है कि ये करना मुश्किल ज़रूर है पर असंभव नहीं.
अगर ने petrol pump की नौकरी नहीं छोड़ी होती तो क्या आज  Reliance  जैसी company होती? अगर Narayan Murthy ने Patni Computers की अपनी नौकरी नहीं छोड़ी होती तो क्या आज Infosys का कोई वजूद होता?Amitabh Bachchan  ने भी पहले  Shaw Wallace और बाद में Bird & Co, नमक एक  shipping firm में काम किया, अगर उन्होंने भी अपने दिल कि आवाज़ नहीं सुनी होती तो भला भारत को कहाँ मिलता इतना बड़ा महानायक?
ये बहुत बड़े-बड़े उदाहरण हैं, जिन्हें हम सब जानते हैं पर यकीन जानिए कि ऐसी हजारों success stories  हैं, जहाँ पर लोगों ने अपनी सोच को हकीकत में बदल कर दिखाया है…गांव की गलियों से निकल कर शहर की बुलंदियों को अपना बनया है. खुद बने हैं Crorepati और कईयों को लखपति बनाया है.
पर अभी भी हमारा जो पहला सवाल था कि “पर नौकरी छोडें कैसे?वो वहीँ का वहीँ बना हुआ है. कहने की बात नहीं है कि ये एक एक बहुत ही बड़ा step  है, और बस यूँहीं नहीं लिया जा सकता है. इस क्रांतिकारी कदम को वही उठा सकता है जिसके मन में कुछ अपना करने की तीव्र इच्छा हो और वो अपने plan  को execute करने के लिए बहुत ज्यादा passionate हो. जिनके अंदर वाकई में कुछ कर गुजरने की दीवानगी होती है, वो इधर-उधर की बातें ज्यादा नहीं सोचते और बस लग जाते हैं अपने प्रयासों में.
पर हम मे से ज्यादातर लोग (including me) कुछ करना तो चाहते हैं, पर हमारे अंदर एक डर सा लगा होता है कि कहीं हम fail  हो गए तो जो है वो भी चला जायेगा. ये डर वाजिब भी है. इसीलिए मेरी समझ से एक बीच का रास्ता निकालना अच्छा साबित हो सकता है , जैसे कि कोई Side-Business शुरू कर केये एक पुराना अजमाया हुआ तरीका है, जो आपने अपने आस-पास देखा भी होगा. Office timing के बाद और छुट्टी के दिनों में लोग अपने साइडी-बिजनेस को करते हैं और जब धीरे-धीरे बिजनेस ट्रैक पर आ जाता है तो अपनी नौकरी छोड़ कर पूरा समय business  में लगाते हैं. एक छोटा सा उदहारण देना चाहूँगा जो मैंने Rashmi Bansal जी की “book में पढ़ा था.
N Mahadevan के अंदर एक Hotelier बनने की चाहत थी पर भाग्य ने उन्हें एक Professor  बना दिया था, पर उन्होंने ने भाग्य के इस फैसले को चुनौती दी और Madras University  में अपनी Professor कि prestigiuos job  छोड़ कर उन्होंने multi-million dollarFood Empire खड़ा कर दिया.
सुबह 9 बजे से शाम को 4:30 बजे तक पढाने के बाद इन्होने काम समझने के लिए एक और  जॉब पकड़ ली, वो रोजाना शाम 6 से रात 12 बजे तक एक में duty  करने लगे .जब काम समझ आ गया और कुछ पैसे इकठ्ठा हो गए तो उन्होंने खुद का एक Chinese resturant शुरू कर दिया.आज उनके restaurants 16 देशों में हैं ,जिनमे कुल 3000 employee  काम करते हैं. इन्होने खुद तो MBA  नहीं किया है पर IIM-Ahmedabad से pass-out बंदे को busineess सँभालने के लिए रखा हुआ है.

मेरा plan :

शायद आप जानते होंगे कि मैं भी  job कर रहा हूँ, और मैंने भी अपने लिए एक रास्ता चुना है, जो मैं आपको बताना चाहूँगा, हो सकता है आपके लिए भी इसमें से कुछ idea  निकल आये.
मेरा idea , दर-असल मेरा और मेरी wife Padmaja  का idea है . शादी से पहले वो job करती थी, पर हमने decide किया कि शादी के बाद  husaband और wife दोनों का  job करना एक बेवकूफी  है. क्योंकि ऐसा करके हम हर महीने अपनी income में 10-20 हज़ार रुपये extra तो जोड़ सकते हैं पर Crorepati नहीं बन सकते. इसलिए उसने job  छोड़ दी.अब आगे कुछ करना था.
चूँकि शुरू  से ही उसका मन beauty related  चीजों में ज्यादा लगता था इसलिए हमने decide  किया कि हम अपने एक बहुत ही standard beauty parlour खोलेंगे, और धीरे-धीरे इसकी branches आस-पास   के अन्य शहरों में खोलेंगे. वो parlour कि अंदरूनी चीजों का ध्यान रखेगी और मैं promotional activities और expansion के लिए काम करूँगा .खुशी की बात ये है कि हमने इस प्लान को  execute करने की शुरुआत भी कर दी  है.पहला step  इस business को करीब से समझने का था , इसीलिए फिलहाल Padmaja  VLCC से Beauty से related एक formal certification course  कर रही है और part –time एक जान-पहचान के parlour में practice करके अपनी skills  को और भी निखार रही है. इसके बाद कुछ चीजें और करनी होंगी और हमारा plan implementहो जायेगा. अब इसमें हमें सफलता मिलेगी या नहीं ये हम नहीं जानते…पर अगर हमने try भी नहीं किया तो ये बिना match  खेले ही हार मान लेना होगा. और हमें तो जीतना है.
मेरे कुछ दोस्तों ने भी ऐसा ही कुछ किया है, मेरे friend ने job करते हुए एक  की franchisee ली है और कुछ partners की मदद से उसे profitable  बनाने में लगा हुआ है. मेरे एक अन्य मित्र ने भी Reliance Life Insurance में काम करते हुए कुछ दोस्तों साथ मिलकर एक Vocational Training Centre, NIPS और एक शानदार restautrant खोल लिया है.
बहुत सारे लोग बहुत सारी ideas के साथ अपने-अपने सपनो को साकार करने में लगे हुए है, और कर रहे हैं,हम इंसानों में यही तो खास बात है ,हम जो सपने देखते हैं उन्हें साकार भी कर सकते हैं.
अंत में यही कहना चाहूँगा कि “कोई risk ना लेना ही जिंदगी का सबसे बड़ा risk है” और ये risk  आप नहीं उठा सकते इसलिए अपने दिल की आवाज़ सुनिए और अपने सपनो को साकार कीजिये.All the best !

Friday, July 18, 2014

सात दीप नो खंड. गुरु से बड़ा न कोए!
करता न कर सके.गुरु
करे सो होए !!

50 ऐसे सच जो हम अकसर भूल जाते है

कई बार जिंदगी के सफ़र में हम ऐसी जगहों पर अटक जाते है, जहाँ पर समझ नहीं आता की अब क्या करे? पर life के छोटे छोटे truths को अगर हम ध्यान में रखे तो हमे थोड़ी मदद मिल सकती है. पहले मैंने ये post में 100 truths लिखने की सोचा था. पर फिर इसे 50 तक ही सिमित रखा. अगर इस post को अच्छा response मिला तो यक़ीनन इसका अगला पार्ट भी जल्द ही post किया जायेगा.. अभी आप छोटे छोटे पर important truths के इस reminder पर नजर डालिये..
  1. ज्ञान का होना ही सबकुछ नहीं है. मायने तो तब होगे, जब आप उस ज्ञान को अपनी जिंदगी में उतारेंगे.
  2. आपको अच्छे ideas तब तक नहीं मिलेंगे, जब तक आप कुछ बुरे ideas पर काम नहीं करते.
  3. एक बढ़िया idea होने के बावजूद यदि आप उस पर काम नहीं करते. उस पर कोई एक्शन नहीं लेते. तो उसकी कोई value नहीं है.
  4. आप दूसरे लोगों को बदल नहीं सकते. आप उन्हें केवल advise दे सकते है. और ख़ुद को सही दिशा में ले जाकर एक उदाहरण पेश कर सकते है.
  5. इस वक़्त ऐसी बहुत सी बातें है जिसका ज्ञान हमे नहीं है. पर हम हर समय कुछ न कुछ सीख सकते है.
  6. आपकी प्रगति तब होगी जब आप अपने comfort zone से बाहर जायेंगे. और दुनिया के नयी मुश्किलों का सामना करेंगे. तभी आप बढ़ेंगे.
  7. जब आप चिंता करने में अपना समय व्यतीत कर देते है. तो उस समय आप actually उन चीजों के बारे में सोचकर अपना समय बर्बाद कर रहे है. जिन्हें आप नहीं चाहते.
  8. बहुत सारी ऐसी बातें जिनके बारे में आप चिंता करते है, कभी होगी ही नहीं. और बहुत सारी बातें जो कभी आपके मन में आती ही नहीं, वो हो जाती है. इसलिए आप बस अपने लक्ष्य पर केन्द्रित रहिये. जो भी अच्छा बुरा है वो तो होगा ही.
  9. कुछ स्तिथिया हमारे control के बाहर होती है. पर हम उस problem के समय कैसे react करते है ये हमारे बस में है. मुश्किल समय में calm रहिये.
  10. जो केवल शिकायते ही करते है, कभी खुद कुछ हासिल नहीं कर पाते.
  11. जब भी आपको कोई कहे की “तुम ये नहीं कर सकते”, याद रखिये की वो ऐसा इसलिए बोल रहे है क्योंकि वो खुद उसे करने में असक्षम है. आपकी काबिलियत वो नहीं जानते.
  12. आपकी life में अभी जितनी भी problem है, वो अब आपकी ज़िम्मेदारी है. कोई फर्क नहीं पड़ता की उसकी जड़ क्या थी, या किसने शुरुआत की. आपकी जिंदगी से उस problem को केवल आप ही हटा सकते है.
  13. Opportunities ढूंड लेना कोई बड़ी बात नहीं है, वो कोई भी कर सकता है. बड़ी बात है, opportunity खुद के लिए बनाना.
  14. अगर आपके पास एक प्लान है, चाहे वो perfect न हो. तो भी आप बहुत अच्छी स्तिथि में है. आप आगे गलतियों से सीखकर उस प्लान को बेहतर बना सकते है.
  15. जो काम आपको कल पूरा करना है, उसकी beginning आप आज से ही कर दीजिये.
  16. अगर आप perfect conditions, ideas और perfect plans के इंतज़ार में बैठे है. की जब वो मिले तब कुछ करेंगे. तो यकीन मानिए आप कभी कुछ नहीं कर पायेंगे.
  17. कुछ कार्य करना और उसमे fail हो जाना, कुछ भी न करने से better है.
  18. जिस चीज़ से आप भाग रहे है, उससे आप कभी जीत नहीं सकते. जितने के लिए आपको उसे फेस करना पड़ेगा.
  19. अगर आप वही करते रहेंगे जो आप अभी तक करते रहे है, तो आपको वही मिलेगा जो आपको अभी तक मिलता आ रहा है.
  20. आप जितनी मेहनत करेगे, उतने भाग्यवान बनते जायेगे.
  21. कई सारे successful लोग जितनी बार सफल हुए है, उससे कई ज्यादा बार fail हुए है.
  22. failure से आपको वो ज्ञान मिलता है जो आपको अगली चुनौती को पूरा करने में help करता  है.
  23. सफ़लता तो एक यात्रा है, जिसमे आप कई बार असफ़लता से होकर गुज़रते है.
  24. सफ़लता का अर्थ ये नहीं है की आपको दूसरों से ऊपर उठाना है, इसका अर्थ है आपको खुद की क्षमता को ऊपर उठाना है.
  25. आप ख़ुश रहने के पुरे अधिकारी है. पर इस अधिकार को उपयोग में भी केवल आप ही ला सकते है. इसका meaning की आपको खुश रहना है या नहीं ये सिर्फ आप पर depend करता है.
  26. हम जिन भी लोगों से मिलते है. वो किसी न किसी चीज़ में हमसे बेहतर होते है. जो कार्य वो बख़ूबी कर सकते है जरुरी नहीं की हम भी वो कर ही ले. हमे हमारी strengths पर focus करना चाहिए.
  27. अगर आपको आपकी life पसंद नहीं है, तो समय आ गया है की आप इसे change करे.
  28. ‘Risk free’ जैसा कुछ नहीं होता. अगर कुछ बड़ा हासिल करना है तो risk लेना ही पड़ता है.
  29. आप चाहे जितने भी smart हो. आप गलतियाँ करेगे ही. और इससे आप बेहतर ही बनेगे.
  30. Confusion, कोई बुरी चीज़ नहीं है. इसका मतलब है. आप प्रगति कर रहे है और सोच रहे है.
  31. Money आपकी जिंदगी आसन बना सकती है, अगर ये पूर्णः आपकी हो.
  32. अगर आप कुछ बड़ा achieve करने की सोच रहे है, तो आपकी life आसन नहीं होगी.
  33. हम थोड़ी देर की उदासी में कई बार permanent damage कर बैठते है.
  34. जब आप कामयाब होते है, तो आपके दोस्त जानते है की आप कौन है. पर जब आप struggle कर रहे होते है तो आप जानते है की आपके दोस्त कौन है.
  35. जब आपसे कोई प्यार करता है, तो उन्हें एक शब्द कहने की जरुरत नहीं पड़ेगी. समय के अंतराल पर आपको खुद इस बात की पुष्टि हो जायेगी.
  36. हम कभी दोस्तों को खोते नहीं है. हम बस ये समझ जाते है की हमारे सच्चे दोस्त कौन है.
  37. अगर कोई एक व्यक्ति आपकी परवाह नहीं करता, तो इसका मतलब ये नहीं है की आप उन सभी को नजरंदाज़ कर दे जो आपकी परवाह करते है.
  38.  Blood relationships ही family नहीं होती. हमारी जिंदगी में ऐसे कई लोग होते है जो हमे हमेशा खुश रखना चाहते है. जो हमसे प्यार करते है. और हमारी कामयाबी की तम्मना रखते है. वो भी परिवार है.
  39. Good looks आँखों को attract करते है. और अच्छी personality, अच्छा व्यवहार दिल को छू जाता है.
  40. रिश्तों में फ़ासले kilometre से तय नहीं होते. ये तो प्यार से तय होते है. दो लोग बहुत करीब होने के बावजूद कोसो दूर हो सकते है और दो लोगों कोसो दूर होने पर भी करीब.
  41. बुरे साथियो से बेहतर है अकेले रहना.
  42. जब आप ग़लत चीजों के पीछे भागना छोड़ देगे. तो अच्छी चीज़े आपको अपने आप ही पकड़ लेगी.
  43. जिंदगी में आपको वही मिलता है जो आप देते है. प्यार चाहिए तो प्यार दीजिये, friends चाहिए तो friendly रहिये, अगर पैसे चाहिए तो value दीजिये.
  44. सभी लोग मरते है. कुछ जल्दी तो कुछ देर से. कुछ लोगों की death unexpected होती है.  पर ये सभी हमारे लिए signal होते है, की हमारे पास कितना समय बचा है नहीं पता. पर जितना भी बचा है. उसे utilise करें.
  45. जिंदगी का कडवा सत्य ये है की: बुरी चीज़े अच्छे लोगों के साथ ही होती है.
  46. हमसे मिलने वाला कोई भी व्यक्ति ordinary नहीं होता. यदि आप उन्हें एक चांस दे, तो सभी में कुछ amazing talent होता है.
  47. सड़क पर चलने वाले हर व्यक्ति की एक कहानी है. उन सभी में कठिनाईयां है. इसलिए आप किसी को भी judge मत कीजिये. आपको नहीं पता की वो किस घडी से गुज़र रहा हो.
  48. आप चाहे जितनी भी mistakes करें, या चाहे जितनी slow progress करे. पर आप फिर भी उन सभी लोगों से आगे है जो कोशिश भी नहीं कर रहे है.
  49. किसी एक व्यक्ति की चेहरे पर मुस्कान लाना, दुनिया बदल सकता है. शायद पूरी दुनिया नहीं, पर उस व्यक्ति की दुनिया को better बना सकता है.
  50. जिंदगी उन लोगों के लिए better होती जाती है, जो बुरे समय में उसे better बनाने के लिए अपना सारा दम लगा देते है.
  51. जिंदगी छोटी है. बहुत छोटी है. अगर ऐसे समय की तलाश में हो जब अपने passion को follow करोगे और ऐसा कुछ करोगे जो तुम्हारे लिए मायने रखता है. तो वो समय अभी है. वो moment अभी है.

Thursday, July 17, 2014

Don't let your degree suppress your dreams !

मैं अपने एक colleague के साथ बैठा बातें कर रहा था .
बातों –बातों में उसने अपनी family के किसी great achiever के बारे में बताया और फिर थोड़ा उदास हो के कहा , “ मैंने अपने छोटे -छोटे सपने तो पूरे कर लिए …पर बड़े सपने बाकी हैं ?”
मैंने कहा , “ तुमने बड़े सपने अभी तक देखे ही कहाँ कि पूरे करोगे !!!”
Friends, ये बात दरअसल हममें से ज्यादातर लोगों पे लागू होती है …हम बड़े सपने देखते ही नहीं , पूरा करना तो दूर की बात है … आप सड़क पर चलते हुए कोई बंगला देखें और कहें की मेरे पास भी एक दिन ऐसा ही बंगला होगा …और फिर उस बारे में भूल कर आराम से सो जाएं तो ये कोई सपना नहीं हुआ….
aA.P.ने कहा है -
“Dreams are not those you have while sleeping, but those that don’t let you sleep.”
“सपने वो नहीं होते जो आप सोते  वक़्त देखते हैं, बल्कि वो होते हैं जो आपको सोने नहीं देते.”
एक आम Indian का बड़ा सपना बस इतना बड़ा ही होता है …एक अच्छी सी job, अपना घर , एक four wheeler…और ऐसी ही छोटी -मोटी चीजें …
जी हाँ , मैं इन्हें छोटी चीजें ही मानता हूँ …ये तो already करोड़ों लोग कर चुके हैं अगर आप भी अपनी पूरी ज़िन्दगी बस यही achieve करने में लगा देंगे तो कौन सा बड़ा काम कर लेंगे ?
अगर भौतिक सुख सुविधाएं जुटाने की ही बात है तो एक छोटे से घर की जगह एक बड़े से बंगले के बारे में सोचिये , या एक बड़ा सा अपार्टमेंट बनाने के ख्वाब देखिये , एक छोटी सी गाड़ी में घूमने की जगह luxury cars की fleet खड़ी करने के बारे में सोचिये … common man की तरह सोचेंगे तो common man की तरह ही ज़िन्दगी बिता देंगे …पैसा जोड़ते …खर्चे काटते और अपनी खुशियाँ sacrifice करते …
ऐसा मत करिए जिस भी बारे में सोचिये बड़ा सोचिये .
हो सकता है कि आप materialistic चीजों में ज्यादा believe नहीं करते हों …और कहें कि मैं इन सब के चक्कर में नहीं पड़ता …सब मोह – माया है ….and all that… OK …ये आपका view point है …और इसमें कोई बुराई नहीं है …बशर्ते , ऐसा न हो कि आपके पास पैसे नहीं हैं इसलिए आप ये show करें की आपकी life में पैसों की importance नहीं है … at least be sincere with yourself.
खैर , चलिए मान लिया कि genuinely आपकी life में materialistic चीजों की importance नहीं है …तो फिर आपके लिए बड़ा क्या है ….शायद आप कहें कि , “मेरे लिए समाज सेवा करना बड़ा है। … मैं अपने खर्चे पर हर साल दो बच्चों को पढ़ता हूँ” ,और  इसे आप बड़ा मान लें ….but again “2” एक बहुत छोटा number है , ऐसा काम करके हो सकता है आप मन ही मन लोगों से प्रशंशा पान चाहें …बहुत लोग करेंगे भी पर मैं नहीं करूँगा …… मैं पूछुंगा – सिर्फ ‘2’ क्यों ? क्यों नहीं  आप “200” या “2000” बच्चों को पढ़ाते हैं ?
हो सकता है कुछ लोग सोचें की भाई ये बन्दा कम से कम दो लोगों को तो पढ़ा रहा है …और लोग तो वो भी नहीं कर रहे हैं और मैं उसे appreciate करने की बजाये उससे सवाल कर रहा हूँ ???
हाँ , क्योंकि मेरी नज़र में ये बहुत important बन्दा है , ये 99% लोगों से अलग है …इसने अपने शौक पीछे रख दो लोगों की जिंदगियां बनायीं है , पर ये आदमी छोटा सोचता है … अगर इसकी सोच भी बड़ी हो जाए तो हम एक बड़ा बदलाव देख सकते हैं ….
आज वो सिर्फ दो लोगों को पढ़ा रहा है … क्योंकि उसने सिर्फ दो को ही पढ़ाने के बारे में सोचा था …एक नहीं हज़ार बार सिर्फ दो को पढ़ाने के बारे में सोचा था …अगर इसने 200 के बारे में सोचा होता तो आज वो 200 को पढ़ा रहा होता , ज़रूरी नहीं है अपने पैसों से , वो अपने दोस्तों , रिश्तेदारों, या NGOs की मदद लेता लेकिन अगर वो २०० के बारे में सोचता तो आज दो सौ बच्चों को पढ़ा रहा होता और मेरा उससे सवाल करने का यही reason है …मैं चाहता हूँ हर वो व्यक्ति जो अच्छा सोचता है वो बड़ा भी सोचे …
2 और 200 के सवाल पर एक और common बात सामने आती है; लोग कहते हैं ….” अगर हर आदमी दो – दो गरीब बचों को पढ़ा दे तो समस्या हल हो जायेगी !!”
पर हकीकत ये है कि न कभी हर आदमी दो -दो बच्चों को पढ़ायेगा और न इस तरह से समस्या हल होगी …ऐसा होना होता तो कब का हो चुका होता , इसलिए जो कर रहे हैं उन्हें ही बड़ा – बहुत बड़ा करना होगा .
दोस्तों , बुरे लोगों का बड़ा और अच्छे लोगों का छोटा सोचना एक समस्या है ….बहुत बड़ी समस्या है ….बुरा सोचता ही कि 1 करोड़ का fraud कर दें अच्छा सोचता है कि मेहनत से 1 लाख रूपये बना लें ….बुरा सोचता है की 10000 लोगों की ज़िन्दगी तबाह कर दें …अच्छा सोचता है की 10 लोगों की ज़िन्दगी संवार दें ….क्यों ?
आखिर बड़ा सोचने में मुश्किल क्या आती है ?
जब आप motivate होते हैं तो आप बड़ा सोचने लगते हैं , मेरी life grand होगी , मैं बहुत बड़ा मुकाम हांसिल करूँगा ….पर जैसे ही थोडा वक़्त बीतता है आपका जोश ठंडा पड़ने लगता है …अन्दर से आवाज़ आती है … अरे इतना कहाँ हो पायेगा …ये तो बहुत मुश्किल है …
आपके अन्दर की आवाज़ दरअसल सालों से छोटा सोचने की conditioning के कारण है …आपको deliberately इसे बदलना होगा …और ये तभी possible है जब आप इस आवाज़ के बावजूद बड़ा सोचते रहिये …जो करना चाहते हैं उसे visualize करते रहिये …उसे अपनी में लिखते रहिये ….
जब आप ऐसा करेंगे तो एक दिन आपके अन्दर की आवाज़ भी बदल जाएगी और वो आपकी सोच की हाँ में हाँ मिलाने लगेगी और तब आप उसे हकीकत में बदलता देख पायंगे .
Friends, कुछ दिनों पहले मैं एक bakery shop के सामने से गुजर रहा था …मैंने देखा कि वहाँ का guard फटे -चीथड़े कपड़ों में खड़े 8- 10 साल के तीन लड़कों को धुत्कार के भगा रहा था ……क्यों है ऐसा ……आज भी हमारे देश में कोई इतना गरीब क्यों है कि अपना पेट भी नहीं भर सकता …क्यों नहीं सोचते हम सब बड़ा क्यों नहीं ख़तम करते अपनी mediocrity को और बदल डालते हैं अपनी और इस देश की तकदीर को ???
भला हम कैसे आँखें मूँद सकते हैं इन सबसे , हमारा luck था कि हम अच्छे घरों में पैदा हुए वर्ना उन तीन लड़कों में से एक मैं भी हो सकता था …एक आप भी हो सकते थे …क्य ऐसा नहीं हो सकता कि कम से कम basic चीजों के लिए कोई इस बात पर निर्भर ना करे कि वो किस घर में पैदा हुआ है !
आप अच्छे हैं ये अच्छा है पर आप छोटा सोचते हैं ये बुरा है …इसलिए अपनी सोच को बड़ा कीजिये …हो सकता है आपको इसकी ज़रुरत न हो पर करोड़ों हैं जिन्हें इसकी ज़रुरत है …ईश्वर ने आपको काबिल बनाया है तो उसके इस तोहफे को बेकार मत जाने दीजिये ….उठिए ; चलिए कुछ बड़ा कीजिये !!!

Wednesday, July 16, 2014

कैसे पायें पढ़ाई में सफ़लता ? 20 Tips

बोर्ड की परीक्षाओं का परिणाम आते ही जहाँ सामान्यतः चारों तरफ़ विद्यार्थियों में ख़ुशी की लहर दौड़ जाती है, वहीं   न्यूज़ पेपर्स और टीवी चैनल्स पर कुछ दुखद समाचार भी सामने आते हैं, जहाँ विद्यार्थी अच्छे नंबर ना आने और
Exam Tips in Hindiमानसिक दबाव के कारण आत्महत्या तक कर बैठते हैं | यह एक बहुत ही गंभीर विषय है क्योंकि विद्यार्थी आत्महत्या के मामलों में हम प्रथम स्थान पर हैं |
दोस्तों, कहा जाता है कि “अभ्यास में जितना अधिक पसीना बहाओगे, युद्ध में उतना ही खून कम बहेगा” |
वैसे आज के प्रतियोगिता भरे युग में, पढ़ाई करना और अच्छे नम्बरों से पास होना किसी लड़ाई से कम नहीं रह गया है | बात तो बहुत सीधी सी है कि अगर आपको ये लड़ाई जीतनी है तो इसके लिए पहले से रणनीति बनाने और उसके अनुरूप तैयारी करने की आवश्यकता है |
आमतौर पर सही मार्गदर्शन के अभाव में विद्यार्थी ठीक ढ़ंग से तैयारी नहीं कर पाते और परीक्षा का समय नजदीक आते ही उनमें चिंता और घबराहट बढ़ने लगती है | किसी भी परीक्षा की तैयारी करने और सफल होने के कुछ सूत्र यहाँ दिए गए हैं |
सफ़लता के सूत्र
1. काम को टालने की आदत छोड़े
मित्रों, यदि आप वास्तव में सफल होना चाहतें हैं तो आपको कार्यों को टालने की आदत का त्याग करना होगा | जो कार्य ज़रूरी है , उसे सही समय पर करें | आपने सुना होगा कि “काल करे सो आज कर , आज करे सो अब , पल में परलय होएगी ,बहुरि करेगा कब” | जिसका मतलब है कि हमें कल के काम को आज और आज के काम को अभी कर लेना चाहिए |
लेकिन आज के युवाओं ने एक नए दोहे को जन्म दे दिया है | उनका कहना है कि “आज करे सो काल कर , काल करे सो परसों, इतनी जल्दी क्यों करे , अभी पड़े हैं बरसों” | दोस्तों पर सच्चाई क्या है , ये हम सभी जानते है | इसलिए हमें काम को टालना नहीं चाहिए बल्कि सभी जरूरी काम समय पर करने चाहियें |
2. अध्ययन के लिए उपयुक्त स्थान का चयन करें
पढ़ाई करने के लिए एक उपयुक्त एवं शांत जगह का चुनाव करना बहुत ज़रूरी है | पढ़ाई का स्थान ऐसा होना चाहिए जहाँ पर पूरी एकाग्रता और शांत मन से बैठकर पढ़ा जा सके | यदि घर छोटा हो या घर में ऐसा कोई उपयुक्त स्थान ना हो तो घर के बाहर किसी शांत जगह , किसी दोस्त के घर या किसी पुस्तकालय (Library) में जाकर पढ़ना ज्यादा अच्छा होगा |
3. पढ़ाई के लिए समय सारणी बनाएं
जो भी विद्यार्थी सफल होना चाहता है उसके लिए आवश्यक है कि वह पढ़ाई के लिए निर्धारित किये गए समय की एक समय सारणी (Time Table) बनाएं | उस समय सारणी में हर विषय के लिए एक निश्चित समय आवंटित करें | एक सही समय सारणी बनाने पर ही आप हर विषय पर सही ध्यान दे पायेंगे | दोस्तों , केवल समय सारणी बना लेना ही पर्याप्त नहीं है , उसका पालन करना भी ज़रूरी है |
4. खेल कूद एवं मनोरंजन के लिए समय दें
एक विद्यार्थी के सर्वांगिक विकास (Comprehensive Development ) के लिए ज़रूरी है कि उसे पढ़ाई के साथ साथ खेल कूद और अपने मनोरंजन के लिए भी समय देना चाहिए | खेल कूद से शारीरिक विकास होता है |
घर के अन्दर भी आप बुद्धिवर्धक खेलों ( Memory Improvement Games ) का आनंद ले सकते हैं |
5. बड़े कार्यों को छोटे छोटे भागों में बाँटें
कोई भी बड़ा कार्य जब हम करने लगते हैं तो शुरुआत में बहुत कठिन और असंभव लगता है | लेकिन जब हम उसे छोटे छोटे टुकड़ों में बाँट देते हैं और तो वही काम आसान हो जाता है | इसी प्रकार पढ़ाई में भी बड़े Chapter या Formula को छोटे भागों में बाँट कर आसान बनाया जा सकता है | इससे पढ़ना आसान और रुचिकर हो जाता है |
6. अपने ऊर्जा स्तर को जानें
दिन में अलग अलग समय पर हर व्यक्ति की शारीरिक और मानसिक उर्ज़ा का स्तर अलग हो सकता है | उदाहरण के तौर पर कुछ लोग सुबह के समय ज्यादा Fresh और Energetic महसूस करते हैं तो कुछ लोग शाम को या फिर रात के समय | कुछ लोगों को सुबह उठ कर पढ़ा हुआ ज्यादा याद रहता है तो कुछ को देर रात को पढ़ा हुआ | तो जिस समय आप अपने को ज्यादा Fresh और उर्ज़ावान महसूस करते हैं, वह समय आप अपनी पढ़ाई के लिए रखें |
7. पढ़ाई के बीच अल्प विश्राम लें
पढ़ाई करते समय आपका दिमाग थक जाता है | जब भी आप थकान महसूस करें तो एक अल्प विश्राम (Short Break) ज़रूर लें | आमतौर पर पढ़ाई करते समय 30 से 40 मिनट के बाद आपको थोड़ा आराम करना चाहिए |
8. मुख्य बिन्दुओं को Highlight करें
जब भी आप पढ़ाई करने बैठें, तो अपने साथ एक Highlighter Pen हमेशा रखें | अगर आपको कोई महत्वपूर्ण नाम, तिथि, स्थान या वाक्य दिखाई देता है तो तुरंत उसे Highlight कर लीजिये | इस तरह से Revision करते समय आपको काफ़ी मदद मिलेगी |
9. अपना लक्ष्य निर्धारित करें
जीवन में अपनी पढ़ाई के लक्ष्य निर्धारित कीजिये | आप कौन सा Chapter या किताब कितने दिनों में ख़त्म करना चाहते हैं, कौन से Subjects पर विशेष ध्यान देने की ज़रूरत है अथवा अपने मनपसंद कॉलेज में जाने के लिए कितने प्रतिशत अंकों की ज़रूरत होगी | इस प्रकार अपनी पढ़ाई के लक्ष्यों तो तय करना बहुत ज़रूरी है | अगर आप हर हफ्ते, महीने का लक्ष्य निर्धारित करते हुए पढ़ाई करेंगे तो साल के अंत में बिना घबराहट के सही ढंग से परीक्षा की तैयारी कर पायेंगे |
10. सभी ज्ञानेन्द्रियों (Senses) को सम्मिलित करें
अपनी पाँचों ज्ञानेन्द्रियों (कान, नाक, आँख, जीभ और त्वचा) का यथासंभव प्रयोग अपनी पढ़ाई में करें | किताब में छपे पिक्चर और चार्ट्स आदि को ध्यान से देखें | यदि संभव हो तो लैब में Practical करें या विषय से सम्बंधित मॉडल को छू कर देखें | आजकल किताबों के साथ CD भी आती है | इन CDs से भी विषय को समझने में काफ़ी मदद मिलती है |
11. बुद्धिवर्धक तकनीकों का प्रयोग करें
यदि आप बुद्धिवर्धक तकनीकों (Memory Improvement Techniques) के बारे में जानते हैं या आपने इन्हें कहीं से सीखा है, तो इनका प्रयोग अपनी पढ़ाई में ज़रूर करिये | ये Techniques बहुत ही वैज्ञानिक और रिजल्ट ओरिएंटेड होती हैं |
12. संतुलित भोजन करें
एक पुरानी कहावत है “जैसा अन्न , वैसा मन”, जिसका अर्थ है कि व्यक्ति जैसा अन्न खाता है वैसा ही उसका मन और शरीर बनता है | यह बहुत ज़रूरी है कि आप संतुलित भोजन लें | कोल्ड ड्रिंक्स और पिज़्ज़ा व बर्गर जैसे जंक फ़ूड से बचें | भोजन का सही तरीका है कि आप सुबह का नाश्ता भारी , दोपहर का भोजन उससे हल्का और रात का भोजन उससे भी हल्का लें | यदि संभव हो तो रात के भोजन में केवल सलाद (Salad) और द्रव्य पदार्थ (Liquids) ही लें |
13. शरीर को स्वस्थ रखें
क्योंकि एक स्वस्थ शरीर में ही एक स्वस्थ मन निवास करता है, इसलिए सुबह के समय सैर पर जायें और अपने सामर्थ्य के अनुसार व्यायाम(Exercise) करें | जितना स्वस्थ आपका शरीर होगा, उतने ही आप एक्टिव और आत्मविश्वास से भरे रहेंगे |
14. प्रश्नों का उत्तर खोजें
यदि आपके मन में कोई प्रश्न है या किसी प्रश्न का उत्तर आपको समझ नहीं आता तो निसंकोच अपने अध्यापक से सहायता मांगें | हो सकता है कि ज्यादा या बार बार प्रश्न पूछने के लिए आपके अध्यापक आपको डांट दें, पर विश्वास कीजिये कि जो विद्यार्थी वास्तव में सीखने की इच्छा रखता है उसे सभी टीचर्स पसंद करते हैं और उसकी मदद के लिए सदा तैयार रहते हैं |
15. सभी संसाधनों का प्रयोग करें
पढ़ाई के लिए उपलब्ध सभी संसाधनों (Resources) का भरपूर प्रयोग करें | किताबों को ध्यान से पढ़ें, पुस्तकालय (Library) में जायें, अपने अध्यापकों और अभिभावकों से सहायता लें, दोस्तों और बड़े भाई-बहन से मदद मांगें, इन्टरनेट और टेलीविज़न आदि सभी उपलब्ध संसाधनों का सकारात्मक प्रयोग अपनी पढ़ाई के लिए करें |
16. ब्लेंक कार्ड्स (Blank Cards) का प्रयोग करें
पढ़ते समय किसी विशेष बात या किसी उत्तर के मुख्य बिन्दुओं (Main Points) को लिखने के लिए आप छोटे छोटे साइज़ के ब्लेंक कार्ड्स या पर्चियों का प्रयोग कर सकते है | ये कार्ड्स आपको revision करते समय काफ़ी मददगार साबित होंगे | परंतु सावधान, इसका अर्थ यह नहीं निकाला जाना चाहिए की आप इन्हें परीक्षा के समय नकल (Cheat Notes) के रूप में प्रयोग करें |
17. स्वयं को प्रोत्साहित करें
परीक्षा भवन में जाने से पूर्व स्वयं को प्रोत्साहित (Motivate) करें | जीवन की उन घटनाओं को याद करें, जब आप सफल हुए थे | अपने आप को विश्वास दिलाएं कि आप पहले भी कठिन परिस्थितियों एवं परीक्षाओं में सफल हो चुके हैं | इस परीक्षा में भी आप ज़रूर अच्छे अंकों के साथ सफल होंगे | इस प्रकार के सकारात्मक विचारों से आपका मनोबल बढ़ेगा और आप परीक्षा में अधिक बेहतर प्रदर्शन कर पायेंगे |
18. प्रश्नपत्र को ध्यान पूर्वक पढ़ें
जब भी आप कोई परीक्षा देते हैं तो उत्तर लिखना शुरू करने से पहले, प्रश्नपत्र को कम से कम दो बार ध्यानपूर्वक पढ़ लें | यह सुनिश्चित कर लें कि प्रश्न क्या है और उसका सही उत्तर क्या होगा | कई बार घबराहट में हम प्रश्न समझ ही नहीं पाते और गलत उत्तर लिख देते हैं |
19. अधिक मात्रा में जल लें
विज्ञान इस बात को प्रमाणित कर चुका है कि शरीर में जल का स्तर जितना अधिक रहता है, उतना ही हमारा मस्तिष्क अधिक कुशलता के साथ कार्य करता है | इस लिए अधिक मात्रा में पानी पीना चाहिये | पढ़ाई करते समय अपने पास पानी की एक बोतल रखनी चाहिए | अगर संभव हो तो परीक्षा केंद्र (Examination Centre) में भी अपने साथ एक पानी की बोतल ले कर जायें और समय-समय पर पानी पीते रहें |
20. शांत हो जायें
परीक्षा में यदि उत्तर याद करने में कठिनाई हो तो घबराने कि आवश्यकता नहीं है | घबराहट से स्थिति और अधिक  बिगड़ सकती है | आँखें बंद करके कुछ पल के लिए चुपचाप बैठ जायें और गहरी सांस लें | इससे आपके मन को शांत करने में सहायता मिलेगी | फिर धीरे-धीरे उत्तर याद करने की कोशिश करें | जो भी मुख्य बिंदु (Main Point) याद आये उसे कागज़ पर लिख लें |

Sunday, July 13, 2014


resume

CURRICULUM VITAE

Objective:-
Seeking for Office Work where I can share my skills and my knowledge .I am Enthusitic for work with team member and learning new something new from team member.

Personal Profile

Name                                                                      Vikas Kumar
Father’s Name                                                      Devilal
Mother’s Name                                                     Parmeshwari Devi
DOB                                                                        01/01/1994
Email ID-                                                                Vikassatnam1994@gmail.com
Cell No-                                                                              +919782228240
Add-                                                                                      Satnam Bhawan Ward N.7 
                                                                                               Almas  Via.Beswa
                                                                                               The.Fathepur
                                                                                               Dist-Sikar(Raj)-332303


Education                                                                       
year
class
Board/uni
marks
2011
10th
Bser Ajmer
44.67
2013
12th com.
Bser Ajmer
62.80



Experience                                                       3month computer teaching
                                                                                  In iims Indian institute
                                                                                  Of management skills
                                                                                  Nyama bajar laxmangarh
                                                                                  {sikar}332311
                                                                                  7month work in (CSA)
                                                                                  At sangam (the complete family
                                                                                                                                Wear collection)college road.
                                                                                                Mukandgarh mandi-333705


Technical  Skills                                             Computer Basic and Internet
                                                                                                        Marketing And selling plus
                                                                                                               Rkcl Diploma Telly diploma                                                                             
                                                                                 

 Languages known                                             Hindi, English.Local Language

I hereby declare that the above-mentioned information is correct up to my knowledge and I bear the responsibility for the correctness of the above-mentioned particulars.
.








Date ………..                                                                               [VIKAS.KUMAR]

Place………..

28.04.2019